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जानें कैसे तैयार करें अपने नए घर का नक्शा

जानें कैसे तैयार करें अपने नए घर का नक्शा

अगर आप घर बनाना चाहते हैं तो मकान का नक्शा या हाउस प्लान शुरुआत करने के लिए बेहद जरूरी है। आइए आपको कुछ बुनियादी नियम बताते हैं, जिनका पालन आपको घर का नक्शा या मकान का नक्शा बनाते समय करना चाहिए।

घर का नक्शा और प्लॉट की दिशा
घर बनाते समय घर का नक्शा बनाना सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक है। वास्तु के सिद्धांतों के अनुसार बना हुआ घर का नक्शा अक्सर अच्छी तरह हवादार और घर के निवासियों के लिए स्वास्थ्यवर्धक भी होता है। इसे देखते हुए, घर का डिज़ाइन बनाते समय जब प्लॉट और उसके साइज का चयन करने की बात आए तो घर का नक्शा के नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है।

अगर आपके प्लॉट का जमीन का टुकड़ा उत्तर या पूर्व मुखी है तो ऐसे वास्तु सिद्धांत भी हैं, जिनका आप बखूबी फायदा उठा सकते हैं. वास्तु के मुताबिक पूर्व, उत्तर या उत्तर पूर्व की ओर जिन घरों का मुख होता है, वो बेहद शुभ होते हैं. यह भी सच है कि कोई दिशा खराब नहीं होती और घर के नक्शे में मामूली बदलाव कर आप घर की दिशाओं के मामले में बेहतर नतीजे पर पहुंच सकते हैं.

किचन
घर का नक्शा बनाते वक्त यह तय कर लें कि आप ओपन किचन चाहते हैं या फिर बंद. ऐसे शहर जहां जगह कम है, वहां परिवार ओपन किचन को तवज्जो देते हैं. इनमें दरवाजे और दीवारें अधिक जगह नहीं घेरते. लेकिन ओपन किचन की सबसे बड़ी खामी ये है कि आपको इसे हर वक्त साफ रखना पड़ेगा. दूसरी ओर इसके काफी फायदे भी हैं. उदाहरण के तौर पर, आप जगह का ज्यादा इस्तेमाल कर पाते हैं, अपने डिजाइन की वजह से यह आकर्षण को बढ़ाता है, जिससे यह बहुत उपयोगी स्थान बन जाता है. वास्तु के मुताबिक, किचन के लिए ये दिशा सबसे मुफीद है. इसे अपने घर के नक्शे में शामिल करें.

कपड़े धोने की जगह
आप वॉशिंग एरिया को बर्तन धोने, कपड़े धोने या फिर कपड़े सुखाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप किसी भी घर के नक्शे की फोटो देखते हैं, तो आप देखेंगे कि वॉश एरिया रसोई घर से जुड़ा हुआ है या उसके करीब है। अपने मकान के नक्शे में वॉश एरिया को किचन के पास डिजाइन करना सुविधाजनक होने के साथ-साथ व्यावहारिक भी है, क्योंकि इससे किचन में पर्याप्त हवा और रोशनी आएगी और आपको खुले आसमान या बाकी चीजों को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा।

स्टोर रूम
अगर आप अपने घर का नक्शा में स्टोर रूम की योजना बना रहे हैं, तो कुछ बिंदुओं पर विचार करना जरूरी है।स्टोर रूम किचन या उसके करीब होना चाहिए. जब तक आप बड़े घर की योजना नहीं बनाते हैं और ऐसा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, तब तक वास्तु के सिद्धांतों को लागू करना अनुकूल होगा. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, स्टोर रूम पूर्व या उत्तर में न बनाएं. अगर आप भारी मशीनें या उपकरण रखना चाहते हैं तो साउथ वेस्ट जगह मुफीद है. स्टोर रूम बनाने के लिए नॉर्थ-वेस्ट और साउथ-वेस्ट दिशाएं भी आदर्श हैं.

मास्टर बेडरूम
यह घर का सबसे बड़ा बेडरूम होता है, जिसमें घर का मुखिया अपनी पत्नी के साथ रहता है. जब आप अपने घर की प्लानिंग करते हैं तो सुनिश्चित करें कि सारे बेडरूम इवन साइज में हों. उदाहरण के तौर पर 12 फुट x 12 फुट या 12 फुट x 14 फुट या 14 फुट x 14 फुट या 14 फुट x 16 फुट इत्यादि. इसका आसान सा कारण यह है कि जब घर में राजमिस्त्री टाइल लगाएंगे तो उन्हें इसे काटकर आकार नहीं बदलना पड़ेगा. मास्टर बेडरूम का न्यूनतम आकार 12 फुट x 12 फुट होना चाहिए,जो एक मानक आकार है. अगर जगह की कोई कमी नहीं है तो आप इसे बड़ा भी बनवा सकते हैं. कमरे में एक अटैच टॉयलेट और ड्रेसर भी प्लान कर सकते हैं. हालांकि किचन एरिया के करीब टॉयलेट नहीं होना चाहिए.

घर में सीढ़ियां कैसे बनाएं?
सीढ़ियां चढ़ते वक्त, जिस दिशा में घड़ी घूमती है, उसी दिशा में ही सीढ़ियां बनवानी चाहिए. अगर आप घड़ी के विपरीत दिशा में चढ़ते हैं तो यह सही नहीं है.

सीढ़ियां हमेशा ऑड नंबर में होनी चाहिए यानी 15,17, 19, 21 या 23. सीढ़ियों का मानक आकार 3 फुट होना चाहिए और यह 6 इंच ऊंची होनी चाहिए. अधिकतर मामलों में न्यूनतम, दो फीट और आठ इंच (81.3 सेमी) होता है। यदि सीढ़ी 44 इंच (111.8 सेमी) से अधिक है, तो अपने घर का नक्शा में हैंडरेल शामिल करें।

डायनिंग एरिया
डायनिंग रूम हमेशा किचन के करीब होना चाहिए. अगर घर में सीढ़ियां हैं तो उसके आगे डायनिंग रूम बनाने का आइडिया अच्छा है. यह देखने में भी अच्छा लगेगा और जगह भी खाली खाली नहीं लगेगी. वास्तु के नियमों के मुताबिक, कुछ प्रॉपर्टीज में डाइनिंग रूम सीढ़ियों के नीचे भी होता है, जो अतिरिक्त जगह को इस्तेमाल करने का अच्छा आइडिया है.

ड्रॉइंग हॉल या लिविंग रूम
अपने मेहमानों की आवभगत करने के लिए ड्राइंग रूम-लिविंग रूम बेहद जरूरी है. आमतौर पर लोग ड्राइंग रूम और लिविंग रूम दोनों ही शब्दों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इनमें एक फर्क है. ड्राइंग रूम आपके घर की एंट्रेंस पर होता है खासकर उन मेहमानों के लिए जो आपके परिचित हैं. लिविंग रूम वो जगह है, जहां आप ऐसे मेहमानों के साथ बैठते हैं, जो आपके करीबी हैं. अपरिचित मेहमानों को ड्राइंग हॉल तक नहीं लाया जाता. वे सिर्फ बरामदे तक ही आते हैं.

हालांकि शहरों में जगह की कमी को देखते हुए, घरों में ये सारे कमरे नहीं होते. लेकिन अगर आपके पास इतनी जगह है तो आप नक्शा उसी के मुताबिक बनवा सकते हैं.

कॉमन टॉयलेट
कॉमन टॉयलेट हर परिवार के लिए जरूरी है. हालांकि यह डाइनिंग एरिया के करीब होना चाहिए लेकिन इतना करीब भी नहीं कि कोई मेहमान इसे इस्तेमाल करने के लिए अन्य कमरों से गुजरे बिना स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सके. स्वच्छता के मकसद से भी कॉमन टॉयलेट काफी जरूरी है. गैर-पारिवारिक सदस्य, जो आपके घर आते हैं, उन्हें भी सुविधाजनक लगना चाहिए और साथ ही आपकी प्राइवेसी और स्वच्छता के साथ भी कोई समझौता नहीं होना चाहिए. अगर आपका डायनिंग एरिया में वॉश बेसिन लगाने का कोई प्लान नहीं है तो कॉमन वॉशरूम लगाना अच्छा है. कॉमन वॉशरूम घर में सबसे बड़ा टॉयलेट नहीं होना चाहिए.

ओपन एरिया और पार्किंग
अपने पार्किंग एरिया को इस तरह से बनाएं ताकि अगर आगे चलकर आप नया घर लें तब भी पार्किंग एरिया उतना ही उपयोगी रहे. 15 फुट x 14 फुट की जगह हर तरह के वाहन के लिए काफी है. अगर आपके पास लॉन के लिए जगह है तो इसे जरूर बनाएं. यह प्रॉपर्टी के एंट्रेंस पर होना चाहिए. अन्य खुले क्षेत्र घर में बहुत जरूरी रोशनी और ताजी हवा मुहैया कराते हैं.

घर का नक्शा बनाना पहला कदम होता है. पहले आर्किटेक्ट, कॉन्ट्रैक्टर, वास्तु एक्सपर्ट और इंटीरियर डिजाइनर के साथ मिलकर योजना बनाएं. ऊपर बताए गए टिप्स शुरुआती बिंदु की तरह काम करेंगे. स्रोत – हाउसिंग

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